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Wednesday, January 05, 2022

BOOK ASTROLOGY Advanced MEDICAL ज्योतिष्य आधुनिक वैद्य पद्धति ಆಧುನಿಕ ವೈದ್ಯ ಪದ್ಧತಿ ಜ್ಯೋತಿಷ್ಯ

 

ASTROLOGY  Advanced MEDICAL  

ज्योतिष्य आधुनिक वैद्य पद्धति 

Dr . S.S. CHATARJI 

जन्मान्तर कृतं पापं व्याधि रूपेण जायते तत् शान्ति औ ष धैर्दानै र्ज्जप होमार्चनादिभिः  



Tuesday, January 12, 2021

MEDHAAJANANA SUKTAM मेधाजनन सूक्तं

मेधा सूक्तम्

तैत्तिरीयारण्यकम् - 4, प्रपाठकः - 10, अनुवाकः - 41-44

ॐ यश्छन्द'सामृषभो विश्वरू'पः | छन्दोभ्योऽध्यमृता''थ्सम्बभूव' | 

स मेन्द्रो' मेधया'' स्पृणोतु | अमृत'स्य देवधार'णो भूयासम् |                        

शरी'रं मे विच'र्षणम् | जिह्वा मे मधु'मत्तमा | 

कर्णा''भ्यां भूरिविश्रु'वम् | ब्रह्म'णः कोशो'ऽसि मेधया पि'हितः | 

श्रुतं मे' गोपाय ‖  ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः' ‖

ॐ मेधादेवी जुषमा'णा न आगा''द्विश्वाची' भद्रा सु'मनस्य मा'ना | त्वया जुष्टा' नुदमा'ना दुरुक्ता''न् बृहद्व'देम विदथे' सुवीरा'' | त्वया जुष्ट' ऋषिर्भ'वति देवि त्वया ब्रह्मा'ऽऽगतश्री'रुत त्वया'' | त्वया जुष्ट'श्चित्रं वि'न्दते वसु सा नो' जुषस्व द्रवि'णो न मेधे ‖

मेधां म इन्द्रो' ददातु मेधां देवी सर'स्वती | मेधां मे' अश्विना'वुभाl-वाध'त्तां पुष्क'रस्रजा | अप्सरासु' च या मेधा गं'धर्वेषु' च यन्मनः' | दैवीं'' मेधा सर'स्वती सा मां'' मेधा सुरभि'र्जुषताग् स्वाहा'' ‖

आमां'' मेधा सुरभि'र्विश्वरू'पा हिर'ण्यवर्णा जग'ती जगम्या | ऊर्ज'स्वती पय'सा पिन्व'माना सा मां'' मेधा सुप्रती'का जुषन्ताम् ‖

मयि' मेधां मयि' प्रजां मय्यग्निस्तेजो' दधातु मयि' मेधां मयि' प्रजां मयीन्द्र' इंद्रियं द'धातु मयि' मेधां मयि' प्रजां मयि सूर्यो भ्राजो' दधातु ‖

ॐ हंस हंसाय' विद्महे' परमहंसाय' धीमहि | तन्नो' हंसः प्रचोदया''त् ‖

ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः' ‖