Wednesday, August 19, 2026

Patriotic Song सर पे हिमालय का छत्र है,

सर पे हिमालय का छत्र है,

(मूल हिन्दी गीत श्री भरत व्यास लिखित)


जय भारती, वन्दे भारती ।। (०) 


सर पे हिमालय का छत्र है,

चरणों में नदियां एकत्र हैं ।

हाथों में वेदों के पत्र हैं,

देश नहीं ऐसा अन्यत्र है ।

जय भारती, वन्दे भारती।

जय भारती, वन्दे भारती ।। (१)


धूएं से पावन ये व्योम है,

घर-घर में होता जहां होम है ।

पुलकित हमारे रोम-रोम है,

आदि अनादि शब्द ओम् है ।

वन्दे मातरम्, वन्दे मातरम्  ।। (२)


जिस भूमि पे जन्म लिया राम ने,

गीता सुनाई जहां श्याम ने ।

पावन बनाया चारों धाम ने,

स्वर्ग भी लजाए जिसके सामने ।

जय भारती, वन्दे भारती ।

वन्दे मातरम्, वन्दे मातरम् ।। (३) 


       ...........श्री भरत व्यास लिखित

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