Wednesday, March 04, 2026

Navagraha Navaratna Stotram श्री नवग्रह नवरत्न स्तोत्रम्

                         नवग्रह नवरत्न स्तोत्रम्

श्री गुरुभ्यो नमः हरी: ॐ 

आधारे प्रथमं सहस्र किरणम्  ताराधीपम् स्वाश्र ये  |
माहेयम् मणिपूरं केहृदि बुधम्  कंठेच वाचस्पतिम् ||
भृमध्ये भृगूनंदनं दिन मणे सूनूम् प्रकूटस्थले  |
नाडी मर्मसू राहू केतू गुलीकान् नित्यं नमाम्या युषे ||

माणिक्य रत्नाधिपती सूर्यग्रह प्रित्यर्थे 
सर्वरक्षाकर चक्रे कं काकीनी देवी 
पूजयामी नमः || १ ||
मुक्ता रत्नाधीपती चंद्रग्रह प्रीत्यर्थे
सर्व सौभाग्यदायक चक्रे सं साकीनी देवी 
पूजयामी नमः || २ ||
प्रवाल रत्नाधिपती अंगारक ग्रह प्रित्यर्थे 
सर्वांश्या पूरक चक्रे रं राकिनी देवी 
पूजायामी नमः || ३ ||
मरकत रत्नाधिपती बुध ग्रह प्रीत्यर्थे 
सर्व रोगहर चक्रे शं शाकीनी देवी 
पूजयामी नमः || ४ ||
पुष्य रत्नाधिपती बृहस्पती ग्रह प्रीत्यर्थे
त्रैलोक्य मोहन चक्रे डंं डाकिनी देवी
पूजयामी नमः || ५ ||
वज्र रत्नाधिपती शुक्र ग्रह प्रीत्यर्थे
सर्व संक्षोभन चक्रे लं लाकीनी देवी 
पूजयामी नमः || ६ ||
इंद्र निलाधिपती शनैश्चर ग्रह प्रीत्यर्थे
सर्वार्थ साधक चक्रे हं हाकिनी देवी 
पूजयामी नमः || ७ ||
गोमेधक रत्नाधिपती राहु ग्रह प्रीत्यर्थे 
सर्वानंदमय चक्रे पं पतपानल डाकिनि देवी 
पूजयामी नमः || ८ ||
वैढूर्य रत्नाधिपती केतूग्रह प्रीत्यर्थे
सर्वसिद्धीप्रद चक्रे यं याकिनी देवी 
पूजयामी नमः || ९ ||
|| इति श्री नवग्रह नवरत्न स्तोत्रम् संपूर्णम् ||
श्री कृष्णार्पणमस्तु

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